होम Crime ये नाकाबंदी है या लॉकडाउन को चकमा?

ये नाकाबंदी है या लॉकडाउन को चकमा?

56

गांवों के बाहर नाके लगाकर दर्जनों की संख्या में खड़े रहते है वोलियंटर बनकर
रोड़ से गुजरने वाले आपातकालीन वाहनों का भी समय कर रहे खराब

हनुमानगढ इन दिनों लॉकडाउन के चलते जिले में धारा 144 भी प्रभावी है। जिसके तहत आम आदमी को घरों से निकलने वाली अनुमति नहीं है। मगर इन दिनों लॉकडाउन को चकमा देने के लिये गांवों में एक अजीब सा ट्रेंड चल पड़ा है जिसके चलते गांवों के बाहर सीमा पर दर्जनों की संख्या में गांव के लोग पहरेदारी का बोलकर अपना समय व्यापन कर रहे है। साथ ही वहां से गुजरने वाले सभी वाहनों को पुरी जांच परख करने के लिये अनगिनत सवाल जबाब करते है। जिससे वहां से गुजरने वाले परमिश्न धारक वाहनों का भी समय खराब होता है। न्योलखी गांव में गुजर रही सड़क पर गांव के दोनों ओर नाके लगा रखे है। वहां रविवार को भीड़ लगी हुई थी। ना सोशल डिस्टेंस ना धारा 144 की पालन हो रहा था। यहां दर्जनों लोग इन नाकों पर खड़े थे।

पल्लू से निकलने वाली सड़क मेगा हाईवे की तर्ज पर बनी होने के कारण पल्लू या नोहर से निकलने वाले आपातकालीन वाहनों का ज्यादातर आवागमन इसी मार्ग से होता है। प्रमिशन होने के बावजूद इस सड़क पर करीब एक घंटा इन मनमर्जी वाले नाकों पर समय निकल जाता है। जिला परिषद सदस्य गोरीशकर थोरी ने बताया कि इन नाकों का कोई मतलब नहीं है। हालांकी व्यवस्था ये होनी चाहिये जिसमें अगर संबधित गांव में कोई अनजान व्यक्ति पहुंचता है तो उसका रिकॉड संधारण कर प्रशासन को सुचना देवें। मगर इन नाकों पर तैनात युवकों ने नियम कायदे अपने स्वयं के बना रखे है जिसके तहत हाईवे सड़क पर गुजरने वाले सभी वाहनों को रोक रहे है ये गलत है। इस पर प्रशासन को गंभीरता से लेना चाहिये।

खतरा बढ़ता है कम नहीं

इन नाकों पर खड़े लोग आने वालों वाहनों में झांकने व उनके स्पर्श से खतरा बढ़ सकता है। जबकि उन वाहन चालकों का उन गांवों से कोई संबध नहीं होता। नोहर पल्लू सड़क पर स्थित गांव न्योलखी गांव में ऐसा ही नाका लगा रखा है। यह नाका एक ही सड़क पर गांव के दोनों ओर लगाया गया है। वहां पर रविवार रात्री जब पत्रिका संवाददाता पहुंचा तो इन दोनों नाकों पर दर्जनों लोग खड़े हुए थे। और एक ही वाहन की दोनों तरफ पुछताछ एवं रिकॉर्ड बनाने का कहकर इन दोनों नाकों पर करीब आधा घंटा उस वाहन का समय बरबाद होता है जिसका उस गांव से कोई लेनादेना नहीं है। इस पर जब उनसे बातचीत की गई तो वहां के लोगों ने बताया कि हम सभी वाहनों का रिकार्ड रख रहे है ये हमारे गांव निजि व्यवस्था है।

सिर्फ गांव में आने वाले की हो जानकारी

पल्लू थाना प्रभारी ने बताया कि इन गांवों में कुछ लोगों ने स्वयं के स्तर पर व्यवस्था कर रखी है। इनमें पुलिस प्रशासन का कोई लेना देना नहीं है। ये गांव की व्यवस्था है पर किसी भी सुरत में दो से अधिक लोगों के इकठ्ठा होने की छूट नहीं है। और आपातकालीन वाहनों को बेवजह रोक नहीं सकते। अगर कोई दोसी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवई की जावेगी। हां अपने गांव आने वाले व्यक्तियों की जानकारी लेकर अपने गांव के कमेटी को जानकारी दी जा सकती है।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here