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लाखों दिलों के सरताज भजन गायक राजकुमार स्वामी नहीं रहे

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सुजानगढ़. मत ले रै जीवड़ा नींद हरामी… थोड़ा जीवणा रै खातिर काईं सोये… थौड़ा जीवणा रै खातिर कांई सोये… मिनख जमारै नै कांई खोये… जैसे हजारों चेतावनी भजनों के रूप में राजस्थानी संस्कृति को दुनियां में पहुंचाने वाले प्रसिद्ध भजन गायक राजकुमार स्वामी दिनांंक 05 मार्च 2021 को इस दुनियां को छोडक़र हमेशा के लिए अलविदा कह गये। उनकी मौत का समाचार सुनकर हर कोई स्तब्ध है। वे 45 वर्ष के थे। राजकुमार स्वामी राजस्थान ही नहीं पुरे देश में सुने जाने वाले नामी गायक कलाकार थे। उनके गाये चेतावनी भजन आज भी युटयुब पर सबसे अधिक देखे और सुने जाने वालों में शामिल है।

जानकारी के अनुसार भजन सम्राट राजकुमार स्वामी गुरूवार रात को सुजानगढ़ स्थित अपने आवास में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मूल रूप से आबसर गांव के थे वर्तमान में सुजानगढ़ में अपने चार पुत्रियों और एक पुत्र के साथ रह रहे थे। राजकुमार स्वामी ने वर्ष 1990 से 2000 तक भजनों में एक छत्र राज किया। ये वो दौर था जब सोशल मिडिया का नाम निशान तक नहीं था। भजनों के सौकिन व्यक्ति या तो अपनी जेब में वाकमैन लिये घूमता था या फिर घरों में कैसेटस से चलने वाली डैक हुआ करती थी। उस दौर में कैसेट खरीदने जाते तो राजकुमार स्वामी की कैसेटस जरूर खरीदते थे। क्योंकि उनके भजनों के हर कोई दिवाने थे। राजस्थान में बड़े स्तर के कलाकारों में राजकुमार स्वामी का नाम उभर कर आया था। स्वामी के 1000 से अधिक ऑडियों केसेटस रिलिज हुए थे। नामी म्युजिक कंपनियों ने उनके भजनों को चाहकर प्राथमिकता दी थी। जिनमें टी सीरीज व अन्य कंपनिया शामिल थी। राजकुमार स्वामी बालाजी के भजन, चेतावनी भजन, होली के गीत, मां की ममता तथा अन्य देवी देवताओं के गीतों में महसूर थे।

जैसे ही गुरूवार 05 मार्च 2021 को राजकुमार स्वामी की खबर सोशल मिडिया पर आई तो हर कोई स्तब्ध रह गया। उनके चाहने वालों में शौक की लहर दौड़ गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उनकी आर्थिक स्थिति इन दिनों खराब मानी जा रही थी। जिस कारण वो मानसिक अवसाद में थे। जानकारों का मानना है कि वो खराब आर्थिक स्थिति के बावजूद किसी के आगे हाथ नहीं फैलाया। उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में किया गया।