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मंत्री के साथ चर्चा / सुंई ब्रांच के अधुरे निर्माण ने छीन ली 40 गांवों की खुशियां

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पल्‍लू में राजस्‍व मंत्री हरीश चौधरी के साथ किसान

पल्लू में राजस्व मंत्री हरीश चौधरी के साथ किसानों का संवाद,

डेढ़ दशक पहले किसानों की किस्मत पर लगा था ब्रेक

संघर्ष समिति के सदस्यों ने सौंपा ज्ञापन

पल्लू. मंत्री महोदय आप सरकार हो और वो सरकार हो जिन्होंने करीब दो दशक पहले पल्लू, लूकरणसर और सरदाशहर के सैंकड़ों गांवों के किसानों की हजरों बिघा बारानी भुमी को सिंचित करने का बीड़ा उठाया था। डीपीआर बनी, सर्वे हुआ और वर्ष 2004 में इस किसान जीवनदायनी नहर सुंई ब्रांच का निर्माण शुरू हुआ। पल्लू से कुछ दूर अर्जुनसर रोड़ पर तीन करोड़ की लागत से सिंचाई भवन बना। चौधरी कुंभाराम आर्य लिफ्ट कैनाल से शुरू होकर ये नहर बीकानेर जिले के सुंई गांव तक पहुंचकर किसानों की कायाकल्प करने वाली थी
मगर वर्ष 2004 में तत्त्कालीन भाजपा सरकार ने इस नहर का निर्माण सरदारशहर के जैतसीसर के पास अधर में रोक दिया। और उसी के साथ इस नहर के तहत आने वाले 40 गांवों के किसानों का भाग्य इस नहर के साथ ही रेतीले धोरों में जमींदोज हो गया। करीब डेढ़ दशक बीत चुका है किसानों ने खूब संघर्ष किया मगर इस निर्माण की के प्रति जिम्मेंदारों की उदासीनता के चलते सीरे नहीं चढ़ पाया।

जब ये फरियाद लेकर जब सुंई ब्रांच संघर्ष समिति के उम्रदराज किसान चंदुराम सिहाग नतमस्तक होकर सरकार के राजस्व मंत्री हरीश चौधरी के पास पहुंचे तो मानों किसी के पास शब्द नहीं बचे दुसरी कोई समस्याओं को बताने के लिये। राजस्व मंत्री हरीश चौधरी मामला गहराई से ने सुना और किसानों के हाव भाव देखकर वो भी इस तत्कालीन भाजपा सरकार के इस किसान विरोधी फैसले को लेकर सरकार को कोसने लगे।

उन्होने तुरंत कहा कि इस संबध में मुझे पुरी जानकारी तथ्यों के साथ दे तो वो इस संबध में किसानों के राहत के लिये उच्च पटल पर इस समस्या को रखकर किसानों को राहत दिलायेंगे। उन्होने इस मुद्धे की अखबार कटिंग मांगी जिनमें कई बार राजस्थान पत्रिका ने मुखरता से छापा था मगर समिति के सदस्यों के पास उपलब्ध मौके पर नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि आज पल्लू में आकर ऐसा लग रहा है जैसे वो यहीं के है। किसानों की आवाज उनके लिये सर्वोपरी है। इस संबध में जल्द किसानों को खुश खबरी मिले ऐसा वो प्रयास करेंगे।
बिसरासर के पूर्व सरपंच महावीर सहारण ने बताया कि पल्लू क्षेत्र में सरकारी कॉलेज नहीं होने के कारण पल्लू क्षेत्र के करीब 50 गांवों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिये कड़ा संघर्ष करना पड़ता है। पल्लू क्षेत्र के आसपास करीब 100 किलोमीटर दूर सरकारी कॉलेज है ऐसे में क्षेत्र की बेटियों के लिये ये दूरी अभीशाप साबित हो रही है। ऐेसे में वो सरकार से निवेदन करके यहां सरकारी कॉलेज स्वीकृत करवाये तो ये पुनित कार्य होगा।

वहीं गैरखातेदारी को खातेदारी में बदलवाने, हॉस्पीटल नये भवन में स्थानातंरित करवाने तथा प्रयाप्त स्टाफ लगाने और ई-मित्र युनियन ने वोटर लिस्ट की प्रमाणित प्रति पल्लू उपतहसील में उपलब्ध करवाने की मांग की। इन सभी मांगों पर सकारात्मक रूप से सरकार में रखने की बात कही।

वहीं पूर्व पंचायत समिति सदस्य ओम प्रकाश भांभू ने क्षेत्र की जनसमस्याओं को आंकड़ो के साथ राजस्व मंत्री को बताया। इस दौरान उनके साथ नोहर कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष धर्मपाल गोदारा, देहात अध्यक्ष केशुराम पुनियां, दलीप गोस्वामी, किसान नेता मामराज कुकणा, रामस्वरूप थोरी, सुरेंद्र सहारण, तरूण गर्वा, राजपाल खोड, धर्मपाल बिस्सू, सहीराम सिहाग, हरफूल पुनियां, चंदुराम नेहरा, केशव पंचारिया, दलीप भारद्वाज, किशन सिंह शेखावत, जगदीश एम सहू, रणजीत भोपा, इकबाल खान आदि मौजूद थे।