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पल्लू उपतहसील में वोटरलिस्ट नहीं मिलने के कारण आवेदकों को जाना पड़ता है 60 किलोमीटर दूर, पल्लू उपतहसील में वोटर लिस्ट उपलब्ध करवाने की मांग।

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पल्लू में नायब तहसीलदार को ज्ञापन देते ई-मित्र संचालक।
  • पल्लू क्षेत्र के सैंकड़ों गांवों के आवेदकों को परेशानी…
  • जाति-मूल के लिये जरूरी मगर पल्लू उपतहसील में नहीं है व्यवस्था

पल्लू. राजस्थान सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है ई-मित्र परियोजना (Emitra Rajasthan) । जिसमें किसी भी सरकारी सुविधाओं (Govrnment services) के लिये आपको बस ई-मित्र पर पहुंचना होता है। वहां एक ही छत के नीचे आपको समस्त विभागीय सेवाओं का लाभ मिलता है। मगर पल्लू क्षेत्र में विद्यालयों में अध्ययरत विद्यार्थियों या अभिवावकों को जब जाति प्रमाण पत्र (Cast Certificate) या मूल निवास प्रमाण पत्र (digital bonafide) बनवाना हो तो उन्हें ई-मित्र के बजाय रावतसर तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते है उसके बाद ही आवेदन ई-मित्र पर दिये जा सकते है। क्योंकि जाति और मूल निवास प्रमाण पत्र बनाने के लिये गत वर्षों की वोटर लिस्ट की प्रति की जरूरत होती है जो पल्लू उतहसील होने के बावजूद यहां उपलब्ध ना होकर रावतसर उपतहसील कार्यालय में ही मिलती है।

पल्लू उतहसील होने के कारण यहां की तेरह पंचायतों में लगभग पचास गांव आते है। इन सभी गांवों का राजस्व संबधी कार्य पल्लू उपतहसील (Pallu Uptahsil ) में ही होते है। पल्लू मुख्यालय से रावतसर तहसील मुख्यालय की दूरी लगभग 50 किलोमीटर पड़ती है वहीं पल्लू ईलाके के कई गांवों की ये दूरी 80 किलोमीटर से भी अधिक है। ऐसे में इन दिनों छात्रवृत्ति, विद्यालय प्रवेश या अन्य कार्यों के लिये जाति प्रमाण पत्र हेतु वर्ष 1993 Voter List की और मूल निवास प्रमाण पत्र के लिये वर्ष 2008, 2013 एवं 2018 की वोटर लिस्ट (Voter list) की जरूरत पड़ती है। जिससे लेने के लिये विद्यार्थियों को करीब 50 से अधिक किलोमीटर दूर तहसील मुख्यालय पर पहुंचना होता है। ऐसे में आर्थिक नुकसान के साथ-साथ समय की बर्बादी भी होती है।

पल्लू के ई-मित्र संचालक मोहर सिंह, मुकेश सिहाग, भंवरलाल गेदर आदि ने बताया कि ई-मित्र पर जाति या मूल निवास का आवेदन करने से पहले जरूरी दस्तावेजों में से वोटर लिस्ट भी एक है। वोटर लिस्ट की अनुपलब्धता के कारण विद्यार्थियों के अभिवावकों को रावतसर कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते है। ऐसे में कई अनपढ़ अभिवावक ठगी का भी शिकार हो जाते है और 100 रूपये से लेकर 500 रूपये देकर वोटर लिस्ट मंगवाते है। उसके बाद ही आवेदन होता है। इस प्रक्रिया में कई बार एक सप्ताह से अधिक का समय लग जाता है। जिस कारण आवेदक को उनका प्रमाण पत्र समय पर नहीं मिल पाता।

ई-मित्र युनियन ने सौंपा ज्ञापन

पल्लू ई-मित्र युनियन (Pallu Emitra Unian ) के नेतृत्व में सोमवार को नायब तहसीलदार को जिला कलक्टर व उपखंड अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपकर पल्लू उपतहसील कार्यालय में वोटर लिस्ट की सुविधा दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि जब सभी सुविधाएं उपतहसील कार्यालय में उपलब्ध है तो पल्लू क्षेत्र के तेरह पंचायतों के मतदाताओं का रिकॉड भी यहां होना चाहिये। जिससे पल्लू क्षेत्र के ग्रामीणों को राहत मिल सके और शिघ्रता से उनका कार्य ई-मित्र से हो सके। ई-मित्र संचालक व कामरेड नेता केशव पंचारिया ने बताया कि अगर विभाग शिघ्र यहां वोटर लिस्ट की व्यवस्था नहीं करता है तो हमें मजबूरन रावतसर तहसील के आगे धरना लगाना पड़ेगा। उसकी समस्त जिम्मेंवार प्रशासन की होगी। इस दौरान जगदीश एम सहू, राजेंद्र बाना, हसन रजा, मोहरसिंह, भागीरथ, जगदीश ढुकिया, बदरी सुडा, पवन कुमार, नवरतन, रामजीलाल कड़वासरा सहित अन्य ई-मित्र संचालक मौजूद थे।

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