होम Editor Choice पल्लू में सार्वजनिक भुमी पर कब्जा करने का आरोप

पल्लू में सार्वजनिक भुमी पर कब्जा करने का आरोप

1134

प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई की मांग

पल्लू. कस्बें के वार्ड नंबर पांच के वार्डवासियों ने रविवार को थानाधिकारी और नायब तहसीलदार को ज्ञापन देकर पल्लू के दर्जनभर लोगों पर गलत तरीके से कब्जा करने का आरोप लगाया है।

ज्ञापन में बताया कि पूर्व में उक्त भुमि पर वर्ष 1982-86 में तत्कालीन सरपंच ने सार्वजनिक भुमी में 162 पटे जारी किये थे। जिसे जागरूक ग्रामीणों ने हाईकोर्ट में अपील की तो हाइकोर्ट ने इस भुमी को सार्वजनिक मानते हुए और मां ब्रह्माणी मंदिर होने के कारण यहां मेले के लिये महत्वपूर्ण मानी थी, तथा ग्राम पंचायत द्वारा जारी किये गये 162 पट्टों को तत्काल प्रभाव से खारीज कर दिया था। उसके बाद उक्त भुमी मेला मैदान के रूप में काम ली जाने लगी।

वार्ड वासियों का आरोप है कि उसके बाद वर्ष 2005 में तत्कालीन सरपंच ने उक्त बेसकीमती भुमी में से करीब 17 पट्टे चहेतों को पुन: जारी कर दिये। जिसका ग्रामीणों को कभी पता नहीं ही चला। रविवार को जब अचानक गांव के दर्जन भर लोग यहां अपना हक जताते हुए कब्जा करने लगे तब इस मामले का पता चला। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस व प्रशासन को दी है।

ज्ञापन में बताया कि कुछ रसूखदार लोग जोर जबरदस्ती से कब्जा करना चाहते है। जो सरासर गलत है। कामरेड केशव पंचारिया ने बताया कि पल्लू की बेसकीमती भुमी कों भुमाफियाओं के चंगुल में नहीं जाने देंगे। इस मामले की प्रशासन से शिघ्र संज्ञान लेकर निराकरण करने की मांग की है। यासीन कलाल ने बताया कि थाना प्रभारी एवं नायबतहसीलदार को हाईकोर्ट के आदेश की प्रति एवं खारीज किये गये पट्टो की सूची सौंप दी गई है।

चर्चा हावी है अतिक्रमण की

पल्लू में जैसे ही ये खबर आई कि पल्लू की जिस भुमी को वार्डवासी और ग्रामीण मेला मैदान की मान रहे है वो भू माफिआओं के धक्के चढ़ चुकी है इसके बाद मानो सारे कस्बें में अतिक्रमण अभियान की लहरे दौड़ पड़ी। किसी का कहना था कि अब यहां अतिक्रमण रोकने वाला कोई नेता नहीं है जबकि अतिक्रमण करवाने वाले नेताओं की भरमार है। एक चर्चा यह भी थी कि एईएन ऑफिस की भुमि पर आंवटित भुमी के पास पंचायत की बेसकीमती भुमी पर कोई सामाजिक धर्मशाला भी बनाई जा रही है। जिसका शिलान्यास रातोरात हो गया।

पल्‍लू के लिये चिंता की खबर

अतिक्रमण की खबर हमेंशा ही ग्रामीणों को चिंता में डालने वाली होती है। ऐसा ही यहां हुआ है बताया जा रहा है। जागरूक ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत की बेसकीमती भुमी के साथ चंद चुनावी पंखुडिय़ों के लिये सौदा हो गया। जिस वजह से आने वाले समय में पल्लू कस्बें के विकास में बाधा बन सकती है। क्योंकि पल्लू वर्तमान में उपतहसील मात्र है और पल्लू की उन्नती देखते हुए यहां जल्द अन्य सुविधाएं भी लागु हो सकती है। जैसे उपतहसील से क्रमौन्नत होकर तहसील कार्यालय की स्थापना, पंचायत समिति भवन या अन्य सरकारी भवन जो पल्लू के विकास में चार चांद लगाते हो उनके मामले में पल्लू पंचायत को भुमी को आवंटन में दिक्कत आ सकती है ऐसा लोगों का मानना है। जबकि यहां पर सरकारी भुमी पर धर्मशालाएं बनाई जा रही है। ऐसे में सोचने वाली ये बात है कि जरूरी धर्मशालाएं है या सरकारी सुविधा केंद्र यह पल्लू क्षेत्र के वासियों का कहना है। बरहाल उक्त बेसकीमती भुमी पर पटा जारी करने का मामला व अतिक्रमण सूचना पल्लू प्रशासन और पुलिस के पास दस्तावेजों सहित पहुंच चुकी है जिसमें देखना है पल्लू का भाग्य किस ओर करवट लेता है।