पल्‍लू क्षेत्र के कई गांवों में जारी है टिडियों का कहर, जाने कहां कितना नुकसान ?

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खतरा अब भी बरकरार

ल्लू. कस्बें में काफी दिनों बाद हुए टिड्डीयों के हमले ने किसानों की नींद उड़ाकर रख दी। सोमवार सुबह जब टिडियों का दल पल्लू कस्बें के निकट से होते हुए गुजरा तो हर कोई हैरान रह गया। टिडी दल से एक बार तो दिन में अंधेरा छा गया। गांवों में मंदिर के लाउडस्पीकरों से मुनीयादी करवाने के बाद सभी किसान अपने बच्चों सहित हाथ में थाली, टिन और पटाखे लेकर खेतों की और दौड़े। वहां उन्होने टिड्डी भगाने के प्रयास किये। ढाणी माहेला, लाखेरां, ढाणी लेघान, माहेला आदि गांवों की रोही में टिड्डीयों ने काफी नुकसान किया है। जिनका आकलन कृषि विभाग के कर्मचारी करने में लगे हुए है। मंगलवार को भी कई गांवों में सरदारशहर तहसील की ओर आये टिडी दल ने आंतक मचाया।

दिन में छा गया अंधेरा
कृषि प्रयवेक्षक ओम प्रकाश गोदारा ने बताया कि ये टिड्डी दल काफी बड़़ा था जो किसानों की सतर्कता के चलते आसमान से होते हुए आगे की ओर निकल गया। हालांकी कुछ खेतों में टिडियों का संक्षेप दल उतर गया जिससे कई खेतों में हाल ही में बोई गई फसलों के पत्ते नष्ट कर दिये। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सोमवार सुबह ढाणी माहेला से गुजरता हुआ टिडी दल इतना विशाल था कि भंयकर सनसनाहट के साथ दिन में अंधेरा सा छा गया।

दो भागों में बंटा दल
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ये टीडी दल करीब १५ किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ था। पल्लू क्षेत्र के उदासर, धीरदेसर, लदेर आदि गांवों में इसका रात्री विश्राम था। जिसपर कृषि विभाग की टीम ने रविवार रात्री को ट्रैक्टरों की सहायता से उनपर स्प्रे का छिड़काव करवाने के साथ साथ उन्हें भगाने के काफी प्रयास किये। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह हवा का रूख बदल जाने के कारण ये दल दो भागों में बंट गया था जिसमें से एक दल ढाणी माहेला से होते हुए लाखेरां, माहेला की तरफ प्रस्थान कर गया वहीं दुसरा दल बिसरासर और केलनियां गांव से होते हुए चुरू जिले में प्रवेश कर गया।

इन गांवों में किया नुकसान

पल्लू क्षेत्र के कई गांवों में टिड्डीयों ने नुकसान पहुंचाया है। जिनमें से पल्लू के कुछ खेतों में, ढाणी माहेला, केलनियां, बिसरासर, पुरबसर, बरमसर, दनियासर, ढाणी बिजारणियां, ढाणी लेघान, देवासर, सिरंगसर, कानसर गांव की कुछ रोही, आदि गांवों में टिड्डी दल से नुकसान की सुचना है। इस हमले से हुए नुकसान का आकलन कृषि विभाग के अधिकारी करने में जुटे हुए है। ढाणी माहेला के किसान ओम गोदारा ने बताया कि उनके खेत में नरमा की फसल हाल ही मे बोई गई थी जिसमें दो बार पानी भी लगा दिया गया था। मगर टिड्डी हमले के बाद वहां सिर्फ नरमे की टहनी रह गई है। उन्होने बताया कि इतना बड़ा नुकसान तो औलावृष्टि से भी नहीं होता जितना टिडियों ने एक दो घंटे में कर दिया।

कृषि प्रयवेक्षक ओम प्रकाश गोदारा ने बताया कि अभी खतरा टला नहीं है किसानों को सावधानी रखने की जरूरत है। उन्हें मिली सुचना के अनुसार सोमवार शाम को रामबाग से पल्लू की ओर एक बड़ा टिडी दल और रवाना होने की सूचना है। हो सकता है उस दल की मार पल्लू क्षेत्र के किसानों पर पड़ जाये। इसलिये कृषि विभाग पुर्णरूप से सतर्क है वहीं किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पल्लू क्षेत्र में कृषि अधिकारी ओमप्रकाश सुथार, कृषि प्रयवेक्षक धनराज गर्वा, भंवरसिंह नाई, रजिराम मील सहित अन्य कृषि विभाग के कर्मचारियों ने टिड्डी दल को क्षेत्र निकालने के लिये रविवार रात्री से लगे हुए थे।

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