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उद्योगों और सामान की आवाजाही में छूट संभव

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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संकेत दिए हैं कि कुछ छूटों के साथ लॉकडाउन अभी जारी रह सकता है। हालांकि अभी पीएम या केंद्र सरकार की ओर से कोई घोषणा नहीं हुई है।
सूत्रों के मुताबिक लॉकडाउन में कुछ खास तरह की छूट देने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है, इसलिए लॉकडाउन की मियाद पूरी होने का समय नजदीक होने के बावजूद शनिवार की शाम तक न तो इस संबंध में कोई घोषणा की गई और न ही प्रधानमंत्री के अगले संबोधन को लेकर कोई जानकारी दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक जहां आगे भी लोगों को घरों में ही रहने को कहा जाएगा, वहीं उद्योग धंधों और सामान के परिवहन में कुछ छूट दी जा सकती है, ताकि आर्थिक समस्या थोड़ी कम हो सके। छूट देने के लिए ऐसे उद्योगों की पहचान की जा रही है जिन्हें पहले चरण में शुरू किया जा सकता है।
बैठक में मौजूद पुदुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने बताया कि संक्रमण रोकने के लिए तीन जोन बनाए जा सकते हैं। रेड जोन वाले इलाकों में और संक्रमण की आशंका वाले ऑरेंज जोन में कोई छूट महीं मिलेगी। सिर्फ ग्रीन जोन में ही कुछ शर्तों के साथ छूट दी जा सकती है।

महाराष्ट्र और बंगाल ने बढ़ाया लॉकडाउन
ओडिशा और पंजाब के बाद अब महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में भी लॉकडाउन बढ़ाने का ऐलान कर दिया गया है। महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लॉकडाउन को 30 अप्रैल तक जारी रखने का ऐलान किया।
अभी बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज
लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने को लेकर केंद्र और राज्य की सहमति को देखते हुए स्कूल और कॉलेज आदि शिक्षण संस्थानों को लंबेे समय तक खोलने को लेेकर केंद्र सरकार भी सहमत है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय का भी मानना है कि कोरोना के खतरे को देखते फैसला लिया जाएं और 30 अप्रैल तक स्कूल खोलना ठीक नहीं होगा, इसलिए 15 मई या गर्मियों की छुट्टियों के बाद स्कूल खोले जा सकते हैं। वहीं कॉलेजों को भी मई तक खोलने पर विचार है। उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए एक रिपोर्ट का इंतजार है।
बिना किसी उपाय 2 लाख होते संक्रमित
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव कुमार ने शनिवार को बताया कि आज देश में संक्रमण के कुल 7447 मामले हैं। बिना लॉकडाउन के यह आंकड़ा 45 हजार होता और बिना किसी तरह अन्य कदमों के देश में संक्रमितों की संख्या 2 लाख होती।

जंग जीत चुके मरीजों से होगा इलाज
मुंबई. कोरोना से ग्रसित गंभीर मरीजों के इलाज के लिए ‘कॉन्वालेसेंट प्लाज्मा थैरेपीÓ के क्लिनिकल परीक्षण के लिए भारतीय आयुर्र्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) ने अनुमति प्रदान कर दी है। इसे लिए प्रोटोकॉल जल्द तैयार होगा। इस थैरेपी को शुरू करने वाला केरल पहला राज्य बनने वाला है। इस थैरेपी के लिए केरल के चित्रा तिरुनल इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी ने मंजूरी मांगी थी। इसके लिए मंजूरी देते हुए आइसीएमआर ने कहा कि इस प्रकार की थैरेपी का न तो उपयोग हुआ है और न ही हम इसकी तैयारी में हैं। इसके लिए प्रोटोकॉल बनाने की तैयारी की जा रही है।

source https://www.patrika.com/jaipur-news/relaxation-for-likely-industry-and-transportation-5992506/